दैनिक जागो वर्ल्ड!ऊना

अनुसूचित जाति समुदाय के लिए बजट प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने और अनुसूचित जाति कंपोनेंट प्लान के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर सोमवार को शोषित समाज जागृति संघ ने ऊना के एमसी पार्क में धरना दिया। इसके बाद संघ के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त ऊना के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष एम.आर. दरोच ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी अनुसूचित जाति समाज को उसका पूरा अधिकार और विकास में अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अनुसूचित जाति आबादी के अनुपात में बजट का प्रावधान किया जाता है, लेकिन आरोप है कि यह राशि कई बार समाज के विकास पर खर्च होने के बजाय अन्य कार्यों में डायवर्ट कर दी जाती है।
उन्होंने कहा कि केवल बजट का प्रावधान कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अनुसूचित जाति समाज के लिए निर्धारित धनराशि उसी समुदाय के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक विकास पर खर्च हो।
एम.आर. दरोच ने मांग उठाई कि अनुसूचित जाति कंपोनेंट प्लान को कानूनी रूप दिया जाए, ताकि बजट के दुरुपयोग या डायवर्जन पर रोक लग सके और निर्धारित धनराशि का उपयोग अनुसूचित जाति समाज के विकास के लिए ही हो।
उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में अनुसूचित जाति विकास निधि या कंपोनेंट प्लान को लेकर कानूनी व्यवस्था लागू है, वहां इस बजट का उपयोग शिक्षा और अन्य विकासात्मक गतिविधियों में किया जा रहा है। उनका कहना था कि ऐसी व्यवस्था से अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
संघ ने सरकार से मांग की कि अनुसूचित जाति समाज के लिए निर्धारित बजट की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए और राशि को निर्धारित उद्देश्यों पर ही खर्च करने के लिए प्रभावी कानून बनाया जाए।
धरने और ज्ञापन सौंपने के दौरान शोषित समाज जागृति संघ के पदाधिकारियों एवं विभिन्न अनुसूचित जाति संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे। संघ ने सरकार से मांग की कि इस संबंध में जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाएं।
