- दैनिक जागो वर्ल्ड1दिल्ली

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर में इस बार मानसून में जलभराव और ट्रैफिक जाम से राहत के बाद अब यहां स्थायी इंतजाम करने की तैयारी की जा रही है। जीएमडीए (गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण) ने हाईवे की मौजूदा स्टार्म वाटर ड्रेन को चौड़ा करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।इससे हाईवे के साथ-साथ सर्विस लेन पर जमा होने वाले वर्षा जल की निकासी क्षमता बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि ड्रेन की क्षमता बढ़ने के बाद वर्षा के दौरान पानी तेजी से निकल सकेगा और सड़क पर जलभराव की स्थिति बनने की आशंका काफी कम हो जाएगी।नरसिंहपुर में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए पहले हाईवे के नीचे भूमिगत नई ड्रेन बनाने की योजना पर विचार किया गया था। इसके लिए भूमिगत पाइपलाइन डालकर वर्षा जल की निकासी को बेहतर करने का प्रस्ताव था। लेकिन अब एनएचएआइकी ओर से सर्विस लेन को कंक्रीट से तैयार किया जा रहा है।ऐसे में नई भूमिगत ड्रेन बनाने की योजना को आगे बढ़ाने के बजाय जीएमडीए ने मौजूदा ड्रेनेज व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, पहले से बनी ड्रेन को चौड़ा करने से कम समय और कम बाधा के साथ जल निकासी क्षमता बढ़ाई जा सकती है।इसके लिए ड्रेन की मौजूदा स्थिति, जल प्रवाह और आसपास के क्षेत्र से आने वाले वर्षा जल का अध्ययन किया जा रहा है।ट्रेंचलेस तकनीक से हाईवे के नीचे बिछाई पाइपलाइननरसिंहपुर क्षेत्र में हाल में किए गए ड्रेनेज सुधार के बेहतरीन नतीजे मिले हैं। हाईवे के नीचे ट्रेंचलेस तकनीक से नई पाइपलाइन बिछाकर दोनों ओर बनी ड्रेनों को आपस में जोड़ दिया गया है। इससे हाईवे के एक तरफ जमा होने वाला वर्षा जल दूसरी तरफ की ड्रेनेज व्यवस्था में पहुंचने लगा है।इसके अलावा करीब 750 मीटर लंबी नई ड्रेन भी तैयार की गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से हाईवे का वर्षा जल लेग-3 यानी बादशाहपुर ड्रेन तक पहुंचाया जा रहा है। इससे वर्षा के दौरान हाईवे और सर्विस लेन पर पानी की निकासी पहले की तुलना में तेज हुई है।जलभराव घटा तो सुधरी ट्रैफिक व्यवस्थानरसिंहपुर और दिल्ली-जयपुर हाईवे क्षेत्र में जलभराव कम होने का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। पहले तेज वर्षा के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार थम जाती थी। इसके बाद हाईवे और सर्विस लेन पर वाहनों की कतार लगने से लंबा जाम लग जाता था।पिछले दिनों हुई वर्षा के दौरान बेहतर जल निकासी व्यवस्था के कारण बड़े स्तर पर ऐसी स्थिति नहीं बनी। हालांकि जिन स्थानों पर सुरक्षा दीवार, बैरिकेडिंग और अन्य निर्माण कार्य अभी अधूरे हैं, वहां पानी जमा होने की समस्या सामने आई। जीएमडीए अब इन्हीं बिंदुओं को चिह्नित कर ड्रेनेज व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है।
