- दैनिक जागो वर्ल्डशिमला!

शिमला-कालका रेल खंड पर भूस्खलन के बाद रेलवे ने मानसून में सुरक्षित परिचालन के लिए सतर्कता बढ़ा दी है। संवेदनशील स्थानों की निगरानी व ट्रैक पर जल जमाव रोकने के निर्देश दिए। मानसून के दिनों में सुरक्षित रेल परिचालन की चुनौती होती है। शिमला-कालका रेल खंड पर भूस्खलन के बाद रेलवे प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेलकर्मी पूरी तरह से सतर्क हैं। शिमला-कालका रेल खंड पर हुए भूस्खलन के बाद त्वरित कार्रवाई की गई और 400 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित और सुगम परिवहन सुनिश्चित किया गया है।भूस्खलन और जलजमाव पर विशेष नजरमानसून के दिनों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने के साथ ही ट्रैक तक पानी पहुंचने के मामले सामने आते हैं। इससे सुरक्षित ट्रेन परिचालन में समस्या होती है। इसे ध्यान में रखकर ट्रैक की निगरानी बढ़ा दी गई है। भूस्खलन और जलजमाव को लेकर संवेदनशीन स्थानों की विशेष रूप से निगरानी की जा रही है।

ट्रैक पर काम करने वाले कर्मियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कहीं भी ट्रैक पर पानी नहीं भरे। ट्रैक के साथ लगते नालों की नियमित सफाई करने, भूस्खलन के खतरे की तत्काल अधिकारियों को सूचित करने को कहा गया है। लोको पायलट, असिस्टेंट पायलट सहित परिचालन से जुड़े अन्य कर्मियों को मानसून में सुरक्षित ट्रेन परिचालन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
