- दैनिक जागो वर्ल्ड!यमुनानगर

छछरौली-प्रताप नगर में 150 से अधिक जुगाड़ू लोडिंग वाहनों से वैध चालकों की रोजी-रोटी पर संकट है, जो 30 हजार में तैयार होकर 3-7 लाख के वाहनों को टक्कर दे रहे हैं। छछरौली-प्रताप नगर क्षेत्र में जुगाड़ू लोडिंग वाहनों की बढ़ती संख्या ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टेंपो और पिकअप चालकों का दावा है कि क्षेत्र में 150 से ज्यादा जुगाड़ू मोटरसाइकिल लोडिंग वाहन दौड़ रहे हैं।उनका आरोप है कि कुछ वाहन नंबर, बिना लाइसेंस और अवैध कागजात के चल रहे हैं। पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने से इनकी संख्या बढ रही है। लोड के दौरान हादसे का खतरा भी बना रहता है।नियम के तहत बाइक का स्वरूप नहीं बदला जा सकता।

रोहित, काका, आशिक, धर्मपाल, मूलराम, इस्लाम, परवीन, खलीक, बिंदर और सोनू समेत टेंपो व पिकअप चालकों का कहना है कि उन्होंने लोन लेकर वाहन खरीदे हैं और उनके परिवार का गुजारा इसी काम से चलता है।न्हें वाहन की किस्त के अलावा इंश्योरेंस, परमिट और टैक्स समेत अन्य खर्च भी उठाने पड़ते हैं। वहीं जुगाड़ू मोटरसाइकिल लोडिंग वाहन करीब 25 से 30 हजार रुपये में तैयार हो जाता है, जबकि लोडिंग टेंपो और पिकअप की कीमत करीब 3 लाख से 7 लाख रुपये तक है।चालकों का कहना है कि कम लागत के कारण ग्राहकों को जुगाड़ू वाहन सस्ते पड़ते हैं, जिससे उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रताप नगर थाना प्रभारी को कई बार इस बारे में अवगत कराया है। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।चालकों ने आरोप लगाया कि बिना इंश्योरेंस और लाइसेंस के चलने वाले ऐसे वाहन हादसे का कारण बन सकते हैं। उनका कहना है कि इससे उनका कारोबार प्रभावित होने के साथ सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।न्होंने प्रशासन से ऐसे वाहनों की जांच कर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। प्रताप नगर थाना प्रभारी रोहतास ने कहा कि पुलिस ने समय-समय पर जुगाड़ू लोडिंग वाहनों पर कार्रवाई की है। यदि क्षेत्र में ऐसे वाहन चलते पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
