Tuesday, March 17, 2026
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अधिकारों से पहले कर्तव्य पूर्ति का भाव रखें सभी नागरिक :- डा.कृष्ण गोपाल

प्रेम सागर चौधरी

जिला नालागढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रमुख नागरिक संगोष्ठी का आयोजन जी.एस.पैलेस नालागढ़ में किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहें। इस कार्यक्रम में डॉ. कृष्ण गोपाल ने संघ की सौ वर्षों की यात्रा के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन के पञ्च कर्तव्यों (सामाजिक समरसता,कुटुंब प्रबोधन,पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और स्व भाव जागरण) पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ.कृष्ण गोपाल ने कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास होने के बावजूद भी लगभग एक हजार वर्षों पराधीन रहा। पराधीनता ने हिन्दू समाज को आत्मकेन्द्रित बना दिया, जिससे एकत्व और संगठन का अभाव हो गया । हिन्दू समाज को संगठित करने के उद्देश्य से डॉ. हेडगेवार जी ने सन् 1925 में विजयादशमी के दिन कुछ बालकों के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की । उन्होंने ने हिन्दू की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी मत,पंथ को मानता हो,किसी भी पूजा पद्धति को अपनाता हो,अगर वह इस भारत भूमि को अपनी माता मानता है तो वह हिन्दू है ।साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदुत्व सैंकड़ों मत,पंथ और संप्रदायों का एक मंच है।हिंदुत्व एक पुस्तक नहीं है,बल्कि यह एक विशाल पुस्तकालय के समान है।
मुख्य वक्ता ने कहा कि आज देशभर में संघ की 90 हजार से अधिक दैनिक शाखाएं चल रही है। संघ स्वयंसेवकों के द्वारा संचालित 40 से अधिक आनुसांगिक संगठन राष्ट्र पुनरुत्थान के कार्य में रत है। पंच कर्तव्यों के माध्यम से समाज परिवर्तन पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि हमारा परिवार संस्कारों का केंद्र बनें ,मातृभाषा में व्यवहार हो, स्व का भाव जागृत करने के लिए अपने इतिहास की गौरवशाली परम्परा की जानकारी,स्वाभिमान की भावना, अपने पूर्वजों की उपलब्धियों पर गर्व की अनुभूति,पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प ,समाज समरसता से युक्त, ऊंच नीच की भावना से मुक्त बनें एवं समाज के सभी नागरिक अपने अधिकारों से पहले कर्तव्य पूर्ति का भाव रखें।

प्रमुख नागरिक गोष्ठी में पधारे विभिन्न श्रेणियों से जैसे:- उद्योगपति,प्रशासनिक सेवा अधिकारी,व्यापारी,चार्टेड अकाउंटेंट,पूर्वसैनिक,शिक्षाविद्,चिकित्सक,अधिवक्ता,प्रोफेसर,अभियंता,राष्ट्रीय खिलाड़ी,कथावाचक और विभिन्न सामाजिक धार्मिक संगठनों से उपस्थित 262 प्रमुख नागरिकों ने अपनी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,समाज और राष्ट्र संबंधी जिज्ञासाएं भी डॉक्टर कृष्ण गोपाल जी के समक्ष रखी।

यू जी सी के सम्बंध में उठे विषय पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी जाति के लोग किसी भी जाति से भेदभाव ना करें ,न ही वह किसी को अपराधी माने यह अधिकार किसी को भी नहीं है।जाति के नाम पर किसी को भी अपमानित न करें या किसी भी जाति को अपराधी घोषित करें यह स्वीकार्य नहीं है।साथ ही उन्होंने कहा कि जो सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है संघ उस निर्णय के साथ है।कार्यक्रम के समापन पर अपने आशीर्वचन के माध्यम से संगोष्ठी के अध्यक्ष श्री श्री 1008 जगद्गुरु विकासदास जी महाराज ने कहा कि संघ के कार्य को समाज का सहयोग मिले तथा समाज की सहभागिता बढ़ाने का आह्वान किया ।उन्होंने कहा कि देश की एकता एवं अखंडता को मजबूती देने के लिए सकल हिंदू समाज को संगठित होने की आवश्यकता है।
प्रमुख नागरिक संगोष्ठी में नालागढ़, पंजेहरा,स्वारघाट तथा श्री नैना देवी से 262 प्रमुख जनों की सहभागिता रही ।इस विशेष अवसर पर नालागढ़ जिला के मा. जिला संघचालक महेश कौशल , हिमाचल प्रांत प्रचारक संजय कुमार, सोलन विभाग प्रचारक अनिल कुमार ,विभाग कार्यवाह कश्मीर सिंह , जिला कार्यवाह श्रवण कुमार, जिला प्रचारक सौरभ रपटा, विनोद शर्मा,यशकर, एस गौतम सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया ।कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन से हुआ तथा समापन सामूहिक राष्ट्रगान से हुआ ।

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