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पीडब्ल्यूडी ने कठिना नदी के खतरनाक पुल की मरम्मत शुरू कर दी है। अधिशासी अभियंता के संज्ञान लेने पर पुल के गड्ढे भरे गए और क्षतिग्रस्त रेलिंग ठीक की गई, जिससे आवागमन सुरक्षित हुआ। दैनिक जागरण में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद पीडब्ल्यूडी ने कठिना नदी के खतरनाक पुल की मरम्मत शुरू करा दी। अधिशासी अभियंता तरुणेंद्र त्रिपाठी ने खबर का संज्ञान लेते हुए तत्काल विभागीय टीम को मौके पर भेजा। टीम ने पुल के एक छोर पर बने करीब तीन फीट गहरे गड्ढे में गिट्टी-मिट्टी भरकर समतलीकरण कराया और दूसरी तरफ क्षतिग्रस्त रेलिंग की मरम्मत शुरू कर दी।

लखीमपुर-मोहम्मदी मुख्य जिला मार्ग (एमडीआर-40) पर धाकड़ानंद बाबा मंदिर के पास स्थित कठिना नदी का यह पुल लंबे समय से खतरा बना हुआ था। तीन सितंबर को दैनिक जागरण ने ”कठिना नदी के पुल के बगल तीन फीट गहरा गड्ढा” शीर्षक से खबर प्रकाशित कर समस्या को प्रमुखता से उठाया था। खबर में बताया गया था कि पुल के एक छोर पर गहरा गड्ढा होने के साथ ही दूसरी तरफ की रेलिंग टूटकर लटक रही थी। इससे हादसे की आशंका बनी हुई थी।यह मार्ग क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसी रास्ते से प्रतिदिन स्कूली बसों, एंबुलेंस, भारी वाहनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों का आवागमन होता है। साथ ही कुंभी में निर्माणाधीन देश के पहले बायोयुग पीएलए प्लांट तक पहुंचने के लिए भी यह प्रमुख मार्ग है। मरम्मत शुरू होने से ग्रामीणों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।अधिशासी अभियंता तरुणेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि रेनकट के कारण सड़क किनारे की मिट्टी बह गई थी, जिसे दुरुस्त कराया जा रहा है। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए पहले ही मानवीय आधार पर पुल के आसपास ब्रेकर बनवाए गए हैं। ब्रेकर के पास सड़क पर पेंटिंग भी कराई गई है। जल्द ही रेडियम पट्टी और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।उन्होंने बताया कि पुल पर तीव्र मोड़ के कारण होने वाली परेशानी को देखते हुए नए पुल का प्रस्ताव कार्ययोजना में शामिल किया गया है। इसके अलावा कुंभी में बन रहे पीएलए प्लांट के सहयोग से मार्ग पर सोलर स्ट्रीट लाइट भी लगवाई गई हैं।
