Sunday, July 12, 2026
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एसएसआरवीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऊना में सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन

ऊना

एसएसआरवीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ऊना में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास हेतु एक प्रभावशाली एवं संवादात्मक सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का संचालन सीबीएसई रिसोर्स पर्सन डॉ. मोनिका मल्होत्रा ने “वास्तविक कक्षा शिक्षण में नई शिक्षा नीति -2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा का प्रभावी समन्वय” विषय पर किया।

डॉ. मल्होत्रा ने अपने व्याख्यान में नई शिक्षा नीति एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के उद्देश्यों को दैनिक कक्षा शिक्षण में प्रभावी ढंग से लागू करने के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अनुभवात्मक, दक्षता-आधारित एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण को समय की आवश्यकता बताया।

उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया में सतत विकास लक्ष्यों तथा 21वीं सदी के कौशलों जैसे समालोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, सहयोग, प्रभावी संप्रेषण एवं समस्या समाधान को शामिल करने पर विशेष बल दिया। साथ ही, उन्होंने वास्तविक कक्षा संबंधी चुनौतियों के समाधान पर चर्चा करते हुए शिक्षकों को विद्यालय की चारदीवारी से बाहर निकलकर जीवन से जुड़े अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने के अवसर प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला पूर्णतः सहभागितापूर्ण रही। शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक अपने अनुभव साझा किए, प्रश्न पूछे तथा विभिन्न शिक्षण परिस्थितियों पर सार्थक चर्चा की। सभी प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सत्र बताया।

विद्यालय के प्रबंध निदेशक श्री सुमेश कुमार शर्मा ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार प्रशिक्षित एवं निरंतर सीखने वाले शिक्षक होते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा विद्यालय भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

विद्यालय की प्रधानाचार्या मैडम बृज बाला शर्मा ने डॉ. मोनिका मल्होत्रा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं नवीन शिक्षण विधियों को शिक्षक अपनी कक्षाओं में अपनाकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने सभी शिक्षकों से प्रशिक्षण के निष्कर्षों को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. मोनिका मल्होत्रा का धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।

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