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चंडीगढ़ के रामदरबार फेज-2 में 12वीं कक्षा के छात्र शिवांश वर्मा ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली, जब उसके माता-पिता काम पर गए थे। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और वह आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।

रामदरबार फेज-2 में शनिवार को 18 वर्षीय छात्र ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान शिवांश वर्मा के रूप में हुई है, जो शहर के एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था।घटना के समय माता-पिता ड्यूट पर गए हुए थे। दोपहर में मां घर लौटी तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया तो शिवांश चुन्नी के सहारे फंदे से लटका मिला। उसे तुरंत सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।लिस के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। सेक्टर-31 थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।

क के पिता रविकांत वर्मा ने बताया कि वह और उनकी पत्नी एक निजी कंपनी में काम करते हैं। शनिवार सुबह शिवांश ने अपनी मां से पास्ता बनाने की इच्छा जताई। मां ने उसके लिए पास्ता बनाया और खाना खिलाने के बाद दोनों पति-पत्नी ड्यूटी पर चले गए।पहर करीब एक बजे जब शिवांश की मां वापस घर पहुंचीं तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पड़ोसियों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर शिवांश फंदे पर लटका मिला।जनों के अनुसार, शुक्रवार को स्कूल में पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) हुई थी। एक टेस्ट में शिवांश के अंक कम आए थे और उसने एक टेस्ट नहीं दिया था। शिक्षकों ने उसे अगले टेस्ट की बेहतर तैयारी करने की सलाह दी थी और कहा था कि घबराने की कोई बात नहीं है। कहना है कि उन्हें कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि बेटा किसी मानसिक तनाव में है। शिवांश की एक बड़ी बहन भी है, जो कॉलेज में पढ़ाई कर रही है।कहना है कि फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मोबाइल फोन और अन्य परिस्थितियों की जांच की जा रही है। परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके।
