- दैनिक जागो वर्ल्ड! जमशेदपुर

लौहनगरी में प्याज के तेवर ढीले होने का नाम नहीं ले रहे हैं। शहर के खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 60 रुपये प्रति किलो पर स्थिर बनी हुई है।जबकि परसुडीह मंडी (थोक बाजार) में शुक्रवार और शनिवार को कीमतों में मामूली नरमी दर्ज की गई।थोक बाजार में प्याज 42 से 45 रुपये प्रति किलो बिका, वहीं नासिक के थोक बाजार में इसका भाव 38 से 42 रुपये के बीच रहा।10 दिनों में 15 से 20 रुपये की उछालआंकड़ों पर नजर डालें तो महज 15 दिन पहले थोक मंडी में प्याज 38 से 40 रुपये और खुदरा बाजार में करीब 45 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। हीं बीते मंगलवार को परसुडीह मंडी में इसका थोक भाव उछलकर 48 से 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था। इस कारण खुदरा बाजार में ग्राहकों को प्याज 60 से 65 रुपये प्रति किलो तक खरीदना पड़ा। हज दस दिनों के भीतर प्याज की कीमत में करीब 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।नासिक से आवक जारी, लेकिन आगे तेजी की आशंकापरसुडीह बाजार समिति स्थित आलू-प्याज के थोक विक्रेता विद्या ट्रेडर्स के संचालक विद्या शंकर ने बताया कि शनिवार को नासिक से करीब 150 टन प्याज की नई खेप परसुडीह मंडी पहुंची है, जिससे आपूर्ति फिलहाल सुचारू है। हालांकि, यह राहत क्षणिक हो सकती है। नासिक देश का प्रमुख प्याज आपूर्ति केंद्र है और वहां स्टॉक कम होने की संभावना जताई जा रही है।कारोबारियों का मानना है कि यदि नासिक से आवक प्रभावित होती है तो आने वाले दिनों में प्याज का भाव 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक भी पहुंच सकता है।मुनाफाखोरी के कारण खुदरा बाजार में राहत नहींथोक मंडी में भाव 48-50 रुपये से गिरकर 42-45 रुपये पर आने के बावजूद आम उपभोक्ताओं की जेब को कोई राहत नहीं मिली है। खुदरा विक्रेताओं की मुनाफाखोरी के कारण कीमतें 60 रुपये से नीचे नहीं उतर रही हैं। खदरा दुकानदारों की दलील है कि उन्होंने पहले ऊंचे दामों पर स्टॉक खरीदा था, इसलिए वे कम कीमत पर बिक्री नहीं कर सकते।बरसात में नमी से खराब होती है फसलव्यापारियों के अनुसार हर साल मानसून के दौरान नमी और बारिश के चलते भंडारित प्याज खराब होने लगता है। बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज की उपलब्धता कम होने से थोक और खुदरा दरों में तेजी आती है। यदि आने वाले दिनों में आपूर्ति प्रभावित होती है तो आम जनता के घरेलू बजट पर इसका भारी असर पड़ना तय है।
