Wednesday, October 21, 2026
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बिहार कांग्रेस में रार: दिल्ली पहुंची प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी को हटाने की मांग, 8 सितंबर को मुख्यालय पर धरना

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बिहार कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान अब दिल्ली पहुंच गई है, जहां नाराज नेता 8 सितंबर को कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे।बिहार कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान अब प्रदेश से निकलकर दिल्ली पहुंचने वाली है। पार्टी के नाराज नेताओं ने संगठन में बड़े बदलाव की मांग को लेकर 8 सितंबर को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर धरना देने का फैसला किया है।उनका निशाना सीधे प्रदेश नेतृत्व पर है। नेताओं ने बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार को हटाने की मांग की है।नाराज गुट का कहना है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद भी संगठन की जिम्मेदारी तय नहीं हुई। 2025 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल छह सीटें मिली थीं।खड़गे को लिखा था लेटर020 में पार्टी के पास 19 सीटें थीं। चुनावी हार के बाद से ही प्रदेश संगठन के कामकाज को लेकर सवाल उठते रहे हैं। पूर्व प्रवक्ता आनंद माधव, राजकुमार, कई पूर्व विधायक ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र भेजकर अपनी नाराजगी से अवगत कराया है।

उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे में पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई। दूसरे दलों से आए लोगों को टिकट देने पर भी सवाल उठाए गए हैं।प्रवक्ता आनंद माधव का कहना है कि इस मुद्दे पर पिछले वर्ष ही पार्टी के शीर्ष नेताओं से बात की गई थी। 3 नवंबर 2025 को खड़गे और अन्य वरिष्ठ नेताओं के सामने संगठन की स्थिति रखी गई थी।शिकायतों पर कार्रवाई का भरोसा भी मिला था। लेकिन, नाराज नेताओं के मुताबिक अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गयादिल्ली में उठेगा मामलाअब इस गुट ने सीधे दिल्ली में आवाज उठाने का फैसला किया है। प्रदर्शन में पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष जमाल अहमद, राजकुमार राजन, एआईसीसी सदस्य नागेंद्र पासवान, पूर्व विधायक छत्रपति यादव, बी. अख्तर और अनिल कुमार सिंह समेत कई नेता शामिल हो सकते हैं।कांग्रेस नेता किशोर कुमार झा ने भी नाराज कार्यकर्ताओं की बात को गंभीर बताया है। हालांकि उनका कहना है कि विवाद का समाधान बातचीत से होना चाहिए।दूसरी ओर, प्रदर्शन की घोषणा ने साफ कर दिया है कि बिहार कांग्रेस का अंदरूनी विवाद अब बंद कमरे की चर्चा नहीं रह गया है।

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