दैनिक जागो वर्ल्ड!मीरजापुर

पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के आईएएस पद से इस्तीफा देने के बाद मीरजापुर में उनके समाजसेवा या राजनीति में नई पारी शुरू करने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। जनपद में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विकास कार्यों और जनहितैषी फैसलों से काफी लोकप्रियता हासिल की थी, जैसे लहुरियादह गांव में पानी और विंध्याचल में वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं। जनपद की पूर्व जिलाधिकारी आइएएस दिव्या मित्तल के इस्तीफा देने के बाद जनपद में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। उनके समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी नई पारी की शुरुआत मीरजापुर से करने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कहा तो यहां तक जा रहा है कि पूर्व जिलाधिकारी अब राजनीति के क्षेत्र में आकर अपनी पहचान बनाएंगी।जनपद के उनके शुभचिंतकों का भी मानना है कि उनको राजनीति में आना चाहिए। हालांकि पूर्व जिलाधिकारी आइएएस दिव्या मित्तल की ओर से अभी कोई ऐसा संदेश नहीं दिया गया है। जनपद में तैनाती के दौरान विकास कार्यों और अपने स्वभाव, व्यवहार व अंदाज के चलते दिव्या मित्तल यहां लोगों में काफी लोकप्रिय रहीं। वह उनकी लोकप्रियता आज भी बनी है।

गत आठ जुलाई को राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा के बहाने जनपद में तीन दिन के लिए आई तो सबसे पहले मां विंध्यवासिनी के चरणों में शीश नवाया। उसके बाद कछवां के साथ ही सदर विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश ऐसे स्थानों पर गईं जहां उन्होंने अपनी तैनाती के दौरान विकास कार्यों को कराया था। कछवां पहुंचकर सारनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन-पूूजन करने के साथ ही शुभचिंतकों के साथ ही कई गांवों में जाकर महिलाओं व पुरुषों से भी मुलाकात किया था।यहां से जाने के बाद यहां की कई फोटो अपने इंटरनेट प्लेटफार्म पर साझा किया था। कहा जा रहा है कि दिव्या मित्तल का जनपद का यह दौरा विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर यहां के लोगों का नब्ज टटोलना रहा। दिव्या मित्तल अपनी तैनाती के दौरान जनपद में राजनेताओं की बातों को दरकिनार कर अपने फैसले पर अडिग रहती थीं।उनके अडिग फैसले का ही परिणाम रहा कि आजादी के लगभग 76 साल बाद जनपद की पहाड़ी पर स्थित लहुरिया दह गांव के लोगों को पहली बार पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति मिली। इसके पहले तक गांव के 1,200 लोग पानी के लिए पास के झरने पर निर्भर थे। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते है कि ट्रांसफर होने के बाद लोगों ने फूलों की वर्षा करके स्वागत करते हुए विदाई दी थी।दिव्या मित्तल के इस्तीफा देने के बाद उनके करीबी मीरजापुर नगर निवासी अमित श्रीनेत कहते हैं कि जिलाधिकारी के रूप में जनपद में कई विकास कार्य कराए। जिलाधिकारी होने के बावजूद लोगों से सीधे जुड़ी रहीं। उनके सक्रिय राजनीति जीवन में आने से जनमानस को काफी लाभ होगा। शासन की ओर से संचालित विकास कार्य धरातल पर दिखाई देगा। इसी तरह व्यापारी सुनील सिंह कहते हैं कि पूर्व जिलाधिकारी ने जनपद में व्यापारियों खासकर ट्रांसपोर्टरों के हित का ध्यान रखा। उनकी बातों को सुनकर अविलंब निवारण करने का हरसंभव प्रयास किया। सार्थक प्रयास के चलते व्यापार में वृद्धि हुई। पूर्व जिलाधिकारी का निर्णय सराहनीय है।
