दैनिक जागो वर्ल्ड मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर में सावन के पहले सोमवार को कावड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। यह बिहार में कावड़ यात्रा के दौरान पहली बार हुआ, जिसने दशकों पुरानी परंपरा में एक नया अध्याय जोड़ा सावन की भक्ति में सोमवार को मुजफ्फरपुर ने एक नया इतिहास रच दिया। सड़कों पर कावड़ियों का सैलाब था और ऊपर आसमान से फूलों की बारिश हो रही थी।।

हेलीकाप्टर से हुई पुष्पवर्षा ने कावड़ियों के उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया। फूलों की बारिश के बीच पूरा शहर ‘हर हर महादेव’ और ‘बाबा गरीबनाथ की जय’ के जयकारों से गूंज उठा। शहरवासी भी घरों की छतों से इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।राज्य सरकार के निर्णय के तहत जिले में पहली बार कावड़ियों पर हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा कराने की तैयारी थी। इसके लिए सोमवार सुबह सात बजे का समय निर्धारित किया गया था। हालांकि, सुबह मौसम खराब होने और आसमान में बादल छाए रहने के कारण उड़ान में देरी हुई। मौसम अनुकूल होने के बाद करीब साढ़े आठ बजे हेलीकाप्टर ने पुष्पवर्षा शुरू की।

हेलीकाप्टर से हरिसभा चौक, रामदयालु, बाबा गरीबनाथ मंदिर, साहू पोखर और जिला स्कूल के समीप कावड़ियों पर पुष्पवर्षा की गई। कावड़िया मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं में इसे लेकर खासा उत्साह दिखा। हेलीकाप्टर से फूल बरसते ही कावड़ियों ने ‘हर हर महादेव’ के जयकारे लगाए।सड़कों पर कावड़ियों की भीड़ के साथ शहर के लोग भी इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए घरों की छतों पर पहुंच गए। आसमान से फूलों की बारिश और नीचे कावड़ियों का सैलाब, पूरा दृश्य श्रद्धा और उत्साह से भर उठा। बाबा गरीबनाथ धाम में जलाभिषेक करने पहुंचे कावड़ियों के लिए यह अनुभव यादगार बन गया।पहलेजा घाट से जलबोझी कर बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने की परंपरा दशकों पुरानी है। कावड़ियों की सेवा के लिए जिला प्रशासन, विभिन्न विभाग और सेवा दल लगातार व्यवस्था करते रहे हैं। हालांकि, पहली बार हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया।कावड़िया मार्ग में जिला प्रशासन की ओर से माइकिंग कर हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा की जानकारी दी गई थी। इससे कावड़ियों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई थी। पुष्पवर्षा शुरू होते ही यह उत्सुकता उल्लास में बदल गई।उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में कावड़ यात्रा के दौरान हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा की परंपरा रही है। मुजफ्फरपुर में पहली बार हुए इस आयोजन ने सावन की कावड़ यात्रा में नया अध्याय जोड़ दिया।
