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मोहाली के आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम में आज से शेर-ए-पंजाब टी20 लीग 2026 का पहला संस्करण शुरू हो रहा है, जिसमें शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

पंजाब क्रिकेट में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मोहाली का आई. एस. बिंद्रा स्टेडियम 30 अगस्त यानी आज से शेर-ए-पंजाब टी20 लीग 2026 की मेजबानी करेगा। ये टूर्नामेंट का पहला संस्करण है, जिसमें शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और अर्शदीप सिंह जैसे दिग्गज अपना जलवा दिखाएंगे। इसके अलावा युवा खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।शेर-ए-पंजाब टी20 लीग को आईपीएल फ्रेंचाइजी पंजाब किंग्स का भी समर्थन प्राप्त है। पहला मुकाबला अमृतसर सूरमास और मोहाली किंग्स के बीच खेला जाएगा। लीग में युवा खिलाड़ी धमाल मचाते नजर आएंगे और नई-नई प्रतिभाएं सामने आएंगी। इसके अलावा पंजाबी सिंगर अपनी परफॉर्मेंस देते हुए दिखाई देंगे।उत्साह बढ़ाने के लिए लोकप्रिय पंजाबी गायक मनकीरत औलख उद्घाटन समारोह में परफॉर्म करेंगे। इससे टूर्नामेंट की शुरुआत में पंजाब के संगीत और मनोरंजन का रंग भी जुड़ जाएगा। पीसीए सचिव गुरमीत सिंह मीत हायर ने कहा कि मनकीरत औलख का परफॉर्मेंस पंजाब क्रिकेट के नए अध्याय की शुरुआत को खास बनाएगा। वे प्रशंसकों का स्वागत करने और यादगार उद्घाटन बनाने को उत्सुक हैं।पीसीए अध्यक्ष अमरजीत मेहता ने बताया कि यह लीग प्रतिस्पर्धी क्रिकेट लाने के साथ-साथ राज्य की उभरती प्रतिभाओं के लिए मजबूत मंच तैयार करेगी। इससे पंजाब की क्रिकेट संस्कृति और समृद्ध होगी तथा युवा खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने के मौके मिलेंगे।छह फ्रेंचाइजी के कप्तानों ने भी इस टूर्नामेंट पर अपनी राय साझा की। भारत और फाजिल्का फाल्कन्स के कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि शेर-ए-पंजाब टी20 लीग पंजाब क्रिकेट के लिए बहुत खास पल है। राज्य की मजबूत क्रिकेट संस्कृति को आगे बढ़ाने का यह अवसर है। अनुभवी और युवा खिलाड़ी एक साथ आएंगे तथा ऊंचे स्तर पर प्रदर्शन कर सकेंगे।अमृतसर सूरमास के कप्तान अभिषेक शर्मा का मानना है कि पंजाब के हर कोने में प्रतिभा है। यह लीग खिलाड़ियों को मुकाबला करने, अच्छा प्रदर्शन करने और नजर आने का सही मंच देगी। कई युवाओं के लिए यह प्रोफेशनल करियर की पहली बड़ी सीढ़ी बन सकती है।लुधियाना लायंस के कप्तान अर्शदीप सिंह ने अनुभव साझा करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने से युवा सीख सकेंगे कि तैयारी कैसे होती है और दबाव कैसे संभाला जाता है। यह उनके विकास में बड़ा फर्क डाल सकता है।
