दैनिक जागो वर्ल्ड!मुजफ्फरपुर

ग्रामीण कार्य विभाग मुजफ्फरपुर समेत राज्यभर में सड़कों की गुणवत्ता जांच कराएगा। खामियां मिलने पर संबंधित संवेदकों पर कार्रवाई होगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सड़क मिल सके।गांव से शहर तक आने-जाने वाले यात्रियों को अब बदहाल सड़कों से राहत मिलने की उम्मीद है। सड़क बनने के कुछ ही दिनों बाद ऊपरी परत उखड़ने या गड्ढे बनने की शिकायतों पर ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्ल्यूडी) ने सख्ती शुरू कर दी है।मुजफ्फरपुर समेत राज्य के सभी जिलों में विभाग के अधीन संचालित 20-20 योजनाओं की गुणवत्ता जांच कराई जाएगी। जांच में सड़क की गुणवत्ता में गड़बड़ी मिली तो संबंधित संवेदक पर कार्रवाई होगी।निर्माणाधीन और हाल में बनी सड़कों की जांचविभागीय निर्देश के बाद मुजफ्फरपुर में जांच के लिए सड़कों की सूची तैयार की जा रही है। इसमें वर्तमान में निर्माणाधीन योजनाओं के साथ एक से दो माह पहले पूरी हुई सड़कें भी शामिल की जाएंगी। मुशहरी, औराई, सकरा, मनियारी और कुढ़नी समेत अन्य प्रखंडों में चल रही योजनाओं की जांच होगी।

आरडब्ल्यूडी को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि सड़क बनने के कुछ समय बाद ही उसकी ऊपरी परत उखड़ने लगी या जगह-जगह गड्ढे हो गए। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए हैं। अभियंता प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।जांच के दौरान सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता भी परखी जाएगी। इसकी लैब रिपोर्ट जांच रिपोर्ट के साथ विभागीय पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। जांच में मिली त्रुटियों का पूरा ब्योरा भी देना पड़ेगा। आधी-अधूरी रिपोर्ट अपलोड करने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।जियो टैग फोटो से होगी जांच की पुष्टिजांच को पारदर्शी बनाने के लिए पदाधिकारियों को मौके से जियो टैग तस्वीरें भी पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। इससे यह पता चल सकेगा कि जांच वास्तव में संबंधित सड़क पर की गई है या नहीं। जांच के दौरान सड़क की स्थिति और निर्माण गुणवत्ता की तस्वीरें भी दर्ज होंगी।यात्रियों को मिलेगी बेहतर सड़क की उम्मीदई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को बेहतर सड़क मिलने की उम्मीद है। नियमित गुणवत्ता जांच से सड़क की उम्र बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही घटिया निर्माण पर कार्रवाई होने से सरकारी राशि के दुरुपयोग पर भी अंकुश लग सकता है। विभाग का मानना है कि निर्माण के साथ गुणवत्ता की निगरानी होने से सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ रहेंगी।
