दैनिक जागो वर्ल्ड हरियाणा

हरियाणा में ‘जल सुरक्षित हरियाणा’ कार्यक्रम के तहत झज्जर और रोहतक सहित दो लाख एकड़ सेमग्रस्त भूमि को ड्रेनेज सिस्टम से खेती योग्य बनाया जाएगा।’जल सुरक्षित हरियाणा” कार्यक्रम को धरातल पर उतारने के प्रयास शुरू हो गए हैं। झज्जर और राेहतक सहित अन्य जिलों में सेमग्रस्त दो लाख एकड़ भूमि को खेती योग्य बनाने के लिए ड्रेनेज सिस्टम लगाए जाएंगे।कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और करनाल में पांच लाख एकड़ क्षेत्र में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 1.12 लाख एकड़ क्षेत्र में ”मेरा पानी मेरी विरासत” योजना के तहत वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा।कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि क्लस्टर-13 और क्लस्टर-5 में मृदा परीक्षण के आधार पर जिप्सम और हरी खाद के उपयोग को अनिवार्य किया जाएगा। वर्ष 2026 से 2032 तक कुल छह वर्षों की अवधि में लागू होने वाले कार्यक्रम के लिए 5,715 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। इसमें से 4000 करोड़ विश्व बैंक देगा, जबकि शेष 1714 करोड़ हरियाणा सरकार अपने अंशदान के रूप में वहन करेगी।
