दैनिक जागो वर्ल्ड!हिमाचल

हिमाचल प्रदेश में पंचायत घरों के निर्माण के लिए सरकार ने नई व्यवस्था स्पष्ट की है। अब निर्माण के लिए विभाग के नाम कम से कम 10 बिस्वा जमीन अनिवार्य होगी और ₹1.14 करोड़ का बजट मिलेगा। हिमाचल प्रदेश में पंचायत घरों के निर्माण और उन्हें सुविधाओं से लैस करने के लिए सरकार ने व्यवस्था स्पष्ट कर दी है। अब पंचायत घर के निर्माण के लिए कम से कम 10 बिस्वा जमीन विभाग के नाम होना अनिवार्य होगा। सरकार पंचायत घर के निर्माण के लिए 1.14 करोड़ रुपये का बजट देती है। नई पंचायतों को 50 हजार रुपये की राशि मंजूर की गई है, जबकि विधायक अपनी निधि से फर्नीचर खरीद के लिए भी 50 हजार रुपये तक दे सकेंगे।विधायक बलवीर वर्मा ने उठाया मामलाग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विधायक बलबीर वर्मा के प्रश्न के उत्तर में विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र के ब्लाक चौपाल, कियोग और कुपवी में 20 पंचायत घरों के निर्माण और उन्नयन के लिए 364.66 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं, इनमें सात पंचायत घरों का निर्माण पूरा हो चुका है।

मंत्री ने विधायकों से आग्रह किया कि पंचायत घरों के लिए एक बीघा से अधिक जमीन विभाग के नाम करवाएं। उनका कहना था कि पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने से भविष्य में पंचायत स्तर पर अन्य योजनाओं के तहत निर्माण और आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जा सकेगा। इससे पंचायत घर केवल मौजूदा जरूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास का आधार भी बन सकेंगे।
