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हिमाचल में सड़क अवसंरचना की सुरक्षा के लिए नया संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया गया है, जिसके तहत सड़कों को नुकसान पहुंचाने, मलबा फेंकने या अतिक्रमण करने पर भारी जुर्माना होगा। हिमाचल प्रदेश में अब सड़कों को नुकसान पहुंचाना, किनारे मलबा फेंकना, अवैध कब्जा करना या अपने खराब वाहनों को सड़क पर छोड़ देना आपको बहुत भारी पड़ सकता है। राज्य सरकार ने सड़क अवसंरचना की सुरक्षा के लिए बेहद कड़े कदम उठाए हैं। प्रदेश विधानसभा में हिमाचल प्रदेश सड़क अवसंरचना संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया गया है। र्च का 5 गुना जुर्माना वसूल होगाइसके लागू होने के बाद लोक निर्माण विभाग को अतिक्रमणकारियों पर नकेल कसने के लिए अचूक शक्तियां मिल जाएंगी। सड़क खोदने या नुकसान पहुंचाने पर, बिना अनुमति सड़क काटने, पुलों या नालियों को तोड़ने पर, सड़क को वापस ठीक करने में आने वाले खर्च का 5 गुना जुर्माना वसूला जाएगा।

मलबा फेंकने पर सड़क पर खोदी गई मिट्टी या मलबा फेंकने पर 1,000 रुपये प्रतिदिन (प्रति घन मीटर) और निर्माण सामग्री का ढेर लगाने पर 2,000 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना देना होगा। अवैध विज्ञापन बोर्ड लगाने पर 500 रुपये प्रति रनिंग मीटर के हिसाब से रोज जुर्माना लगेगा।लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विधानसभा में पेश किए गए संशोधन विधेयक के संदर्भ में कहा कि वर्ष 2002 के मूल कानून में डिजिटल तकनीक और जीपीएस (GPS) आधारित मैपिंग का कोई प्रविधान नहीं था। इसके अलावा प्रवर्तन तंत्र कमजोर था और मौके पर पुलिस सहायता मांगने की स्पष्ट शक्ति नहीं थी। इस नए संशोधन का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर राज्य की जीवनरेखा (सड़कों) को सुरक्षित, सुगम और अतिक्रमण मुक्त बनाना है।बिना पूर्व नोटिस के चलेगा पीला पंजानए कानून के तहत अधिकारियों को बड़ी शक्तियां दी गई हैं। यदि सड़क पर कोई अस्थायी अतिक्रमण, जैसे- रेहड़ी, कियोस्क, स्टाल, माल का ढेर या बेतरतीब खड़े वाहन यातायात या पानी की निकासी में बाधा डाल रहे हैं, तो अधिकारी बिना कोई पूर्व नोटिस दिए उन्हें तुरंत हटा सकेंगे। कबाड़ वाहनों पर 2000 प्रतिदिन का जुर्मानाअक्सर लोग अपने खराब या दुर्घटनाग्रस्त वाहनों और मशीनों को सड़क किनारे लावारिस छोड़ देते हैं, जिससे जाम लगता है। अब ऐसे परित्यक्त वाहनों पर विभाग कब्जा कर लेगा और जब तक वाहन विभाग के पास रहेगा, वाहन मालिक पर 2,000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। तय समय तक वाहन न ले जाने पर उसकी सार्वजनिक नीलामी कर दी जाएगी।जियो-टैगिंग से पकड़े जाएंगे दोषीअब सड़क सीमाओं का निर्धारण सिर्फ पुराने कागजों तक सीमित नहीं रहेगा। सड़कों के डिजिटल नक्शे बनेंगे जिनमें नियंत्रण बिंदुओं को भू-निर्देशांक (Geo-coordinates) से जोड़ा जाएगा। अवैध कब्जे या नुकसान की जियो-टैग की गई फोटो साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल होगी, जिससे मौके से भागने के बाद भी दोषी बच नहीं पाएंगे।अधिकारियों को मिलेगी पुलिस की मदद, हो सकती है 2 साल की जेलअगर कोई व्यक्ति विभाग की कार्रवाई में बाधा डालता है, आदेशों का उल्लंघन करता है, या जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे 2 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। इसके अलावा, अतिक्रमण हटाने के दौरान अधिकारी सीधे पुलिस से लिखित रूप में मदद मांग सकेंगे और पुलिस को यह सहायता तत्काल उपलब्ध करानी होगी।
