Wednesday, October 21, 2026
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संताल परगना का मेडिकल हब बन रहा देवघर, एम्स-एयरपोर्ट के बाद अब हिंदुजा से खुली नई संभावनाएं

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धार्मिक नगरी देवघर अब स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा हैधार्मिक नगरी देवघर अब स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। एम्स, एयरपोर्ट और अब पीडी हिंदुजा अस्पताल जैसे बड़े संस्थानों के आने से चिकित्सा, शोध और मेडिकल कांफ्रेंस की गतिविधियां बढ़ी हैं।एयर कनेक्टिविटी के कारण देशभर के विशेषज्ञों का देवघर आना आसान हुआ है। इस बदलाव का असर स्वास्थ्य सेवा के साथ होटल, परिवहन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। तीर्थनगरी से मेडिकल हब बनने की दिशा में देवघर का चेहरा बदलता जा रहा है।

झारखंड का सबसे विकसित शहर बनकर तेजी से कोई आगे बढ रहा है तो वह देवघर है। धार्मिक पर्यटन के रूप में सदियों से स्थापित शहर अब मेडिकल हब बनकर उभर रहा है और मेडिकल हब बनाने में तीन प्रमुख स्तंभ का आना बड़ा कारण है।पहले एम्स बाद में एयरपोर्ट और उसके बाद पीडी हिंदुजा हास्पीटल। मेडिकल कालेज की संख्या बढ़ रही है। आने वाले समय में मेडिकल कालेज खुलेगा।एयरपोर्ट के कारण बढा नेशनल कांफ्रेंसकम्यूनिकेशन के मामले में कमजोर होने के कारण ही संताल परगना पिछड़ा था। आज एयरपोर्ट ने विकास के सारे रास्ते खोल दिए। एयरपोर्ट के कारण ही एम्स में नेशनल कांफ्रेंस हो रहे हैं।शोध पर नित्य नयी टीम देश के किसी भी कोने से आ रही है। आज हिंदुजा मुंबई से चलकर देवघर आ गया। देवघर में कांफ्रेंस बढने का बड़ा कारण एक बाबा बैद्यनाथ का दरबार। दूसरा कंयूनिकेशन आसान हो गया।

आप देश के किसी भी कोने से आ जा सकते हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलोर, गुवाहाटी की सीधी फ्लाइट है। कनेक्टिंग की तो कोई दिक्कत ही नहीं है। तीसरा कार्यक्रम स्थल, आवासन की शानदार सुविधा बढ़ी है।आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहा देवघरमेडिकल हब बनने से पहले ही देवघर आर्थिक संपन्नता की ओर बढने लगा है। एक-एक कांफ्रेंस का बजट लााखों में होता है। इस साल पांच कांफ्रेंस हो चुके हैं। जिसमें दो दिन पहले ही क्लिनिकल कार्डियो डायबिटिज सोसायटी ऑफ इंडिया के सेमिनार में देश भर के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने महामंथन किया था।उससे पहले एम्स में गायनो पर नेशनल सेमिनार हुआ था। इसमें देवघर बाजार में रुपये का फ्लो बढ़ता है। देश के कोने कोने से आने वाले विशेषज्ञों के आने जाने पर एयर टिकट पर व्यय होता है।सूत्र बताते हैं कि देवघर एयरपोर्ट से यात्रियों के सफर से बीते दो साल में पांच सौ करोड़ से अधिक का राजस्व आया है।कोलकाता और पटना नहीं जाएंगे मरीजदेवघर मेडिकल हब के रूप में विकसित हो रहा है। आने वाले समय में संताल परगना समेत सीमावर्ती जिला के लोग इलाज कराने बाहर नहीं जाएंगे।एम्स के बाद हिंदुजा विकल्प बन गया है। देवघर, दुमका के लोग दुर्गापुर, कोलकाता, रांची, पटना जा रहे थे, तो गोड्डा, साहिबगंज के लोग भागलपुर का रूख कर रहे थे।इन सब जगह इलाज भी महंगा। बार बार आने जाने की परेशानी अलग। पहले तो एम्स ने उस परेशानी को कम किया। अभी एम्स में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक मरीज ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श ले रहे हैं।सेट्रल लैब में सस्ते दर पर जांच करा रहे हैं। पीडी हिंदुजा एम्स का कम्प्लीमेंट्री बनकर सामने आया है। एक दूसरे को संबल देंगे और क्षेत्र के लोगों को कोलकाता, पटना, रांची से सस्ता इलाज हो जाएगा।पीडी हिंदुजा अस्पताल के उदघाटन अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता विस्वा सरमा ने कहा था कि अब लोगों को कोलकाता नहीं जाना होगा। देवघर मेडिकल हब के रूप में विकसित हो रहा है।

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