शिमला-टीना ठाकुर

विधायक रणवीर सिंह निक्का ने नदियों और नालों में बढ़ती गाद की समस्या को लेकर सरकार के समक्ष उठाए गए मुद्दों पर जानकारी देते हुए कहा कि भारी बारिश के कारण प्रदेश की नदियों और दरियाओं में अत्यधिक सिल्ट (गाद) जमा हो गई है, जिससे जलधाराएं अपना रास्ता बदल रही हैं और किनारों पर स्थित सड़कें, गांव और पर्यटन स्थल खतरे में आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस विषय पर मुख्यमंत्री से विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें ड्रेजिंग (dredging) के माध्यम से नदियों-नालों की सफाई का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए जवाब को सकारात्मक बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
विधायक ने कहा कि वर्तमान में किसान जब खेती के काम से खाली होकर अपने घरों के लिए निर्माण सामग्री लेने नदी-नालों में जाते हैं, तो उन्हें भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में ट्रैक्टरों को बाउंड (जब्त) कर लिया जाता है, जिससे किसानों को एक से डेढ़ महीने तक जमानत नहीं मिलती और उनकी फसल व आजीविका पर गंभीर असर पड़ता है।
उन्होंने बताया कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में ही करीब 60 से 70 ट्रैक्टर ऐसे हैं, जिन्हें बाउंड किया गया है। इस दौरान किसानों को पुलिस और कानूनी प्रक्रियाओं में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रणवीर सिंह निक्का ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तावित ‘नदी-नाला ड्रेजिंग एवं खनिज संग्रहण नीति’ के तहत अब ट्रैक्टर मालिक 100 से 200 रुपये की रॉयल्टी देकर नदी-नालों से सामग्री ले सकेंगे, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी और ट्रैक्टर जब्त होने की समस्या खत्म होगी। इससे सरकार को भी राजस्व प्राप्त होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रदेश इस खनिज सामग्री का उपयोग नहीं करता है, तो यह बहकर पंजाब चली जाती है, जहां सरकार इसे टेंडर के माध्यम से बेचकर करोड़ों रुपये का राजस्व अर्जित करती है।
विधायक ने प्रदेश के पुराने बांधों—जैसे चमेरा और पोंग डैम—का जिक्र करते हुए कहा कि 40-40 वर्षों में इनमें भारी मात्रा में गाद जमा हो चुकी है, जिससे जल भंडारण क्षमता प्रभावित हो रही है और मछुआरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ड्रेजिंग के माध्यम से नदियों की सफाई होने से न केवल पर्यावरणीय संतुलन सुधरेगा, बल्कि सरकार की आय बढ़ेगी और किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच भारी बारिश के चलते प्रदेश के लगभग हर विधानसभा क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ है।

