उत्तरकाशी-सुमित कुमार

इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिला। स्थानीय देवी-देवताओं की डोलियों के साथ मां गंगे की डोली को एक बेटी की तरह भावुक विदाई दी गई। गांव के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां गंगा को विदा किया।
वहीं भारतीय सेना के बैंड की मधुर धुनों के साथ हजारों श्रद्धालु मां गंगे की डोली के साथ पैदल यात्रा पर निकल पड़े हैं। “जय मां गंगे” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
आज मां गंगे की डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर पहुंचेगी, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के साथ रात्रि में भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। पूरी भैरव घाटी आज भक्ति के रंग में रंगी नजर आएगी।
कल सुबह मां गंगे की डोली गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान करेगी, जहां विधि-विधान के साथ मंदिर के कपाट 6 माह के लिए देश-विदेश के श्रद्धालु के लिए खोले दिए जाएंगे।

