Sunday, September 6, 2026
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हरियाणा में मांगों पर अड़े नगर पालिका के कर्मचारी, अब 11 अगस्त तक रहेंगे हड़ताल पर; सड़कों पर जमा हुआ 6000 टन कचरा

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हरियाणा में नगर पालिका और दमकल कर्मचारियों की हड़ताल 11 अगस्त तक बढ़ा दी गई है, जिससे सड़कों पर 6000 टन कचरा जमा हो गया है और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।हरियाणा में तीन दिन से हड़ताल पर चल रहे नगर पालिकाओं और दमकल कर्मचारियों ने हड़ताल को 11 अगस्त तक बढ़ा दिया है। मांगों पर अड़े नगर पालिका कर्मचारी संघ और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की मंगलवार से प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल को भी समर्थन दिया है। साथ ही 10 अगस्त को ट्रेड यूनियनों एवं किसान संगठनों के जेल भरो आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की है।

कर्मचारी नेताओं का दावा है कि नगर पालिकाओं और दमकल विभाग के करीब 50 हजार कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। तीन दिन से चल रही हड़ताल के कारण करीब छह हजार टन कचरा सड़कों पर इधर-उधर पड़ा है, जिससे उठती दुर्गंध के चलते संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है।नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने सरकार पर 13 मई को हुए समझौते से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए कहा कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी, चाहे कुछ भी हो जाए। मई को हुई वार्ता में 22 मांगों में से 17 मांगों पर सहमति बनी थी। इनमें कच्चे एवं अनुबंध कर्मचारियों को पक्का करने, नगरपालिका रोल के दैनिक वेतन कर्मचारियों को नियमित करने, अग्निशमन विभाग के अनुबंध कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने, सफाई एवं सीवर व्यवस्था में ठेका प्रथा समाप्त करने, कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, ईएसआइ एवं ईपीएफ का लाभ, वर्दी भत्ता एवं जोखिम भत्ता देना सहित कई अन्य मांगें शामिल हैं।

शास्त्री ने बताया कि करनाल के वीरु वाल्मीकि हत्याकांड के दोषियों की गिरफ्तारी एवं मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता राशि व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर सोमवार को जिला उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे।फरीदाबाद अग्निकांड में मारे गए कर्मचारी भवीचंद एवं रणबीर के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये आर्थिक सहायता तथा नियमित नौकरी देने, सफाई एवं सीवर कर्मचारियों के नए पद सृजित कर रिक्त पदों पर पक्की भर्ती करने सहित अन्य मांगों पर भी सरकार ने सहमति जताई थी, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही 13 मई के समझौते को अक्षरशः लागू करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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