दैनिक जागो वर्ल्ड!मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर में 20 साल बाद जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला (फूड सेफ्टी लैब) फिर से शुरू होने जा रही है, जिससे खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच अब स्थानीय स्तर पर हो सकेगी।खाने में मिलावट की जांच के लिए अब सैंपल को पटना या दूसरे शहरों की प्रयोगशाला में भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुजफ्फरपुर में करीब 20 साल बाद फिर से जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला शुरू होने जा रही है।जिला यक्ष्मा केंद्र परिसर में 6500 वर्गफीट में नया फूड सेफ्टी लैब भवन बनाया जाएगा। इसके लिए स्थल का चयन कर लिया गया है और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नया भवन तैयार होने तक सदर अस्पताल के पुराने वार्ड को मरम्मत कर दो माह के भीतर अस्थायी रूप से लैब शुरू करने की तैयारी है।

स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव सुरेंद्र राय समेत अधिकारियों की टीम ने शनिवार को जिला यक्ष्मा केंद्र परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि लैब के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जल्द ही डीपीआर तैयार कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नया भवन बनने के बाद अस्थायी लैब को वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा।अभी जिले में खाद्य पदार्थों के सैंपल एकत्र करने के बाद जांच के लिए पटना या अन्य स्थानों पर भेजे जाते हैं। इससे जांच रिपोर्ट आने में समय लगता है। स्थानीय स्तर पर फूड सेफ्टी लैब शुरू होने के बाद सैंपल की जांच मुजफ्फरपुर में ही हो सकेगी। इससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी भी तेज होगी।दो माह में शुरू होगी अस्थायी लैबनया भवन बनने में समय लगेगा। इसे देखते हुए सदर अस्पताल के पुराने वार्ड भवन को मरम्मत कर अस्थायी लैब के रूप में उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। विभाग के अनुसार करीब दो माह में यहां फूड सेफ्टी लैब शुरू करने की तैयारी है।टक्निशियन नहीं रहने से बंद हुई थी लैबमुजफ्फरपुर में करीब 20 वर्ष पहले तक जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला संचालित थी। टेक्निशियन उपलब्ध नहीं रहने के कारण इसे बंद कर दिया गया था। अब नए सिरे से इसे शुरू करने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है। इससे खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।कोर्ट में भी बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएंविभागीय टीम ने शनिवार को कोर्ट परिसर में संचालित स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। केंद्र के बगल में खाली जमीन पर दो पक्के कमरे बनाने की योजना है। इसके लिए जिला जज से अनुमति मांगी जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण के लिए बीएमएसआइसीएल को पत्र भेजा जाएगा।क्सरे समेत जांच की सुविधाकर्ट परिसर में प्रस्तावित निर्माण एटामिक एनर्जी रेडिएशन बोर्ड के मानकों के अनुसार होगा। इससे स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे समेत अन्य जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे कोर्ट परिसर में आने वाले लोगों को स्वास्थ्य जांच के लिए बाहर जाने की जरूरत कम होगी।
