Sunday, September 6, 2026
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बिहार के स्कूलों में छात्र बनेंगे स्वच्छता दूत, कचरा प्रबंधन में निभाएंगे अहम भूमिका

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बिहार के सभी विद्यालयों में अब छात्र स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के दूत बनेंगे, जहाँ वे कचरा पृथक्करण और जागरूकता फैलाएंगे। यह पहल राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत शुरू की गई है।सारण समेत बिहार के सभी विद्यालयों में अब विद्यार्थी स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के दूत बनेंगे। स्कूल परिसर में कचरा इधर-उधर फेंकने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के साथ गीले, सूखे, सैनिटरी और अन्य कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था करनी होगी।ज् शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद ने जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर निर्देश जारी किया है।इसके तहत विद्यार्थियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन दूत के रूप में तैयार करने की पहल की गई है, ताकि वे परिवार और समुदाय को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक कर सकें।विद्यालय की दिनचर्या का हिस्सा बनेगा कचरा प्रबंधननर्देश के अनुसार जिले के सभी राजकीय, राजकीयकृत, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों को विद्यालय की दैनिक कार्यप्रणाली, सह-शैक्षणिक गतिविधियों और परिसर की स्वच्छता व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।

विद्यार्थियों को कचरे के पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की जानकारी दी जाएगी। विद्यालयों में गीले, सूखे, सैनिटरी एवं अन्य कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण सुनिश्चित करना होगा।

साप्ताहिक चेतना सत्र में मिलेगा स्वच्छता का संदेश

विद्यालय के प्रत्येक साप्ताहिक चेतना सत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक कचरे में कमी, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण से संबंधित संदेश दिए जाएंगे। इको क्लब, बाल संसद, मीना मंच, स्काउट-गाइड और प्रार्थना सभा के माध्यम से भी नियमित जागरूकता गतिविधियां होंगी। प्रभात फेरी, रैली, चित्रकला, निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी और स्वच्छता शपथ जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।अभिभावक-शिक्षक बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। विद्यार्थी अपने परिवार और आसपास के लोगों को घर में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित करेंगे। इस पहल के जरिए विद्यालयों से निकलकर स्वच्छता का संदेश परिवार और समुदाय तक पहुंचाने की योजना है।हर जिले में बनेगा विशेष प्रकोष्ठला शिक्षा पदाधिकारी स्तर पर विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। यह प्रकोष्ठ विद्यालयों में चल रहे अभियान की निगरानी के साथ जागरूकता कार्यक्रमों को गति देगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सप्ताह, स्वच्छता पखवाड़ा, विश्व पर्यावरण दिवस और स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।बतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों का चयन कर जिला एवं राज्य स्तर पर सम्मान के लिए नामित किया जाएगा। विद्यालयों से प्राप्त गतिविधियों की रिपोर्ट प्रत्येक माह संकलित कर शिक्षा विभाग को भेजना भी अनिवार्य किया गया है।

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