दैनिक जागो वर्ल्ड !मेरठ

पुलिस ने मेरठ में नकली नोटों के खेल में चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक मुठभेड़ में घायल हो गया। ये आरोपी पहले पकड़े गए सिपाहियों के साथ मिलकर नकली नोटों के अलावा हथियार और कारतूस भी सप्लाई कर रहे थे।असली नोटों का नकली खेल करने के आरोप में पुलिस ने चार और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपित के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। सभी आरोपित दोनों सिपाहियों के साथ मिलकर नोटों के अलावा हथियार और कारतूस भी सप्लाई भी कर रहे थे।

जेल गए हिस्ट्रीशीटर साजिद के साथी फैजान के मोबाइल से पुलिस को कारतूस और हथियारों की तस्वीरें मिली थीं। ये तस्वीरें गिरफ्तार आरोपितों को भेजी गई थीं। आरोपित तस्वीरें दिखाकर हथियार और कारतूस की सप्लाई करते थे। जांच में पता चला कि उनके कब्जे से बरामद कारतूसों की खेप सहारनपुर से खरीदी गई थी।मवाना के जयसिंहपुर निवासी इरशाद गांव में मोबाइल की दुकान चलाता है। रविवार को भावनपुर के ज्ञानपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर साजिद पिस्टल ने इरशाद को 50 हजार के बदले में डेढ़ लाख के नकली नोट देने का झांसा दिया। उसने इरशाद को पांच-पांच सौ के असली पांच नोट दिए, जिन्हें इरशाद ने नकली समझकर चलायाये नोट असली थे, तब इरशाद 50 हजार के बदले में डेढ़ लाख के नकली नोट लेने को तैयार हो गया। सोमवार को 11 बजे इरशाद अपने साथियों के साथ ज्ञानपुर के बाहरी छोर स्थित ट्यूबवेल पर 50 हजार लेकर पहुंचा। साजिद और उसके साथी, किनानगर निवासी अभिषेक और फैजान, ने नकली नोटों की 33 गड्डी निकाली।गड्डियों में ऊपर-नीचे असली नोट थे, जबकि बीच में कागज काटकर लगाया गया था। गड्डी के नोट गिनने से पहले भावनपुर थाने में तैनात सिपाही प्रसन्नचित्त आनंद निवासी टीकरी कलां हाथरस और सिपाही आशीष कुमार निवासी नगला मेवा, हाथरस वहां पहुंचे। दोनों सिपाही साजिद पिस्टल को नकली और असली रकम के साथ ले गए। इरशाद की शिकायत पर पीआरवी उन्हें पकड़कर थाने ले गई। उसके बाद साजिद के साथी फैजान और अभिषेक को भी पकड़कर जेल भेज दिया।

एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि फैजान के मोबाइल से हथियार और कारतूस के फोटो मिले। उक्त फोटो कार्तिक,राशिद उर्फ मंत्री निवासीगण हसनपुर कदीम, विशाल निवासी मुरलीपुर और अर्जुन निवासी बासतपुर, हापुड़ के मोबाइल पर भेजे गए थे। पुलिस ने उक्त चारों को गिरफ्तार कर लिया।बुधवार की रात को उनकी निशानेदही पर किनानगर के जंगल में हथियार और कारतूस बरामद करने जा रहे थे। कार्तिक के कब्जे से .32 बोर के 25 जिंदा कारतूस, विशाल से 18 जिंदा कारतूस, अर्जुन से .315 बोर का तमंचा तथा राशिद उर्फ मंत्री से .32 बोर की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए।इसी बीच राशिद पुलिस से छूटकर भागा और फायरिंग करने लगा। जवाबी फायरिंग में गोली राशिद के पैर में लगने से घायल हो गया। उसका अस्पताल में उपचार कराया। उसके बाद चारों आरोपिताें को जेल भेज दिया।
