दैनिक जागो वर्ल्ड !आगरा

आगरा में झूठी शान के लिए पिता चंद्रवीर सिंह ने अपनी बेटी लविश्का की हत्या कर दी। बेटी के घर से भागने और समझाने पर भी न मानने से गुस्साए पिता ने उसे मारकर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।झूठी शान के लिए बेटी की हत्या करने के मामले में पिता चंद्रवीर सिंह को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद चंद्रवीर ने घर पर ताला लगाकर एक घंटे तक घूमते हुए पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया। उसने अंततः थाने जाकर पुलिस को बताया कि उसने अपनी बेटी की हत्या कर दी है।इस मामले में परिवार के किसी सदस्य ने तहरीर नहीं दी, जिसके चलते पुलिस ने अपनी ओर से मुकदमा दर्ज किया और चंद्रवीर को जेल भेज दिया। पचगाईं खेड़ा निवासी चंद्रवीर, जो एक बिल्डिंग मैटीरियल की दुकान चलाता है, ने गुरुवार की शाम को एकता थाने में जाकर पुलिस को सूचित किया कि उसकी बेटी का शव घर में पड़ा है।

पूछताछ के दौरान चंद्रवीर ने बताया कि उसकी बेटी कुछ समय पहले अपने मित्र के साथ घर से चली गई थी, लेकिन बदनामी के डर से उसने पुलिस में शिकायत नहीं की। बेटी मंगलवार को फिर से घर से चली गई और रात एक बजे लौट आई।उसके लौटने पर चंद्रवीर ने उसे समझाने का प्रयास किया कि उसकी हरकतों से परिवार की बदनामी हो रही है, लेकिन बेटी ने उसकी बातों को अनसुना कर दिया। गुरुवार की दोपहर, जब बेटी घर पर अकेली थी, चंद्रवीर ने उसे समझाने का प्रयास किया कि उसकी शादी देवोत्थान में कर दी जाएगी और उसके खाते में पांच लाख रुपये जमा कराए जाएंगे।लेकिन बेटी ने मुंह फेर लिया, जिससे चंद्रवीर का गुस्सा भड़क गया। उसने घर में रखी बांक लाकर बेटी के सिर पर प्रहार किया और फिर उसका गला घोट दिया। हत्या के बाद चंद्रवीर ने घर पर ताला लगाकर मधु नगर चौराहे तक पैदल चलकरऑटो लिया और बिजलीघर चौराहे गया। लगभग डेढ़ घंटे तक घूमने के बाद वह सीधे एकता थाने पहुंचा।सीपी ताज सुरक्षा यतेंद्र नागर ने बताया कि पुलिस ने लविश्का की मां रजनी से तहरीर देने को कहा, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनकी बेटी को किसने मारा।इस मामले में उप निरीक्षक कैलाश चंद्र गुप्ता ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में चोटें बताई गई हैं। परिवार के लोगों ने लविश्का का अंतिम संस्कार गांव के बाहर श्मशान घाट में किया।
