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चिट्टे के खिलाफ पंचायत स्तर पर बने जनभागीदारी की कमेटी,पंचायत प्रतिनिधि हों कमेटी में शामिल,अजय ठाकुरपचायत स्तर पर चिट्टे के खिलाफ बनें कमेटियां, राजनीति से ऊपर उठकर लड़ाई लड़ने की जरूरत,बंगाणा,राष्ट्रीय ह्यूमन राइट युवा विंग के प्रदेश चेयरमैन एवं राज्य भाजयुमो कार्यकारिणी सदस्य अजय ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को चिट्टे जैसे घातक नशे से मुक्त करवाने के लिए अब केवल पुलिस कार्रवाई और सड़कों पर होने वाले आंदोलनों तक सीमित रहने के बजाय पंचायत स्तर पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल, संगठन या सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की लड़ाई है।इसलिए पंचायत प्रतिनिधियों, युवाओं,महिलाओं,सामाजिक संस्थाओं और प्रत्येक परिवार को इस अभियान से जोड़ना जरूरी है। अजय ठाकुर ने कहा कि पुलिस द्वारा लगातार चिट्टे के आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है और बड़े स्तर पर नशे के कारोबार से जुड़े आरोपियों तक भी पुलिस पहुंच रही है। इसके बावजूद चिट्टे का पूरी तरह खात्मा नहीं हो पा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि नशे का नेटवर्क समाज के बीच अपनी जड़ें बना चुका है। ऐसे में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है, बल्कि समाज को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

पंचायती वार्ड सदस्य से लेकर 20 परिवारों तक बने कमेटी, चिट्ठे पर रखें पैनी नजर,
युवा नेता अजय ठाकुर ने सुझाव दिया कि प्रत्येक पंचायत में चिट्टे के खिलाफ विशेष कमेटियों का गठन किया जाए। इन कमेटियों में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ पंचायती वार्ड सदस्य, महिला प्रतिनिधि, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में करीब 20 परिवारों को जोड़कर छोटी-छोटी जागरूकता एवं निगरानी कमेटियां बनाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इन कमेटियों का उद्देश्य किसी व्यक्ति को बदनाम करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे से बचाना और नशे के कारोबार की जानकारी संबंधित प्रशासन एवं पुलिस तक पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हर परिवार यह संकल्प ले कि उसके आसपास कोई युवा नशे की गिरफ्त में जा रहा है तो उसे समय रहते जागरूक किया जाएगा तथा जरूरत पड़ने पर परिवार को प्रशासन और विशेषज्ञों से सहायता दिलाई जाएगी, तो नशे के खिलाफ अभियान को मजबूती मिलेगी। अजय ठाकुर ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ बनाई जाने वाली कमेटियों में राजनीतिक विचारधारा को आड़े नहीं आने देना चाहिए। सत्ता में सरकारें आती-जाती रहेंगी, लेकिन समाज और युवा पीढ़ी हमेशा हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए भाजपा, कांग्रेस या किसी अन्य विचारधारा से ऊपर उठकर सभी पंचायत प्रतिनिधियों और नागरिकों को एकजुट होकर नशे के खिलाफ खड़ा होना होगा।

सड़कों पर दौड़ने से नहीं, हर घर को अभियान से जोड़ने पर खत्म होगा चिट्टा,
युवा नेता अजय ठाकुर ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ केवल सड़कों पर दौड़ लगाने, रैलियां निकालने या नारे लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक हर घर इस अभियान का हिस्सा नहीं बनेगा, तब तक नशे के खिलाफ लड़ाई अधूरी रहेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है और सरकारों को भी कठोर कदम उठाने चाहिए, लेकिन समाज की सक्रिय भागीदारी के बिना नशे के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि चिट्टे के कारोबार में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानून को और सख्त किए जाने की आवश्यकता है। गंभीर मामलों में दोष सिद्ध होने पर कठोरतम सजा सुनिश्चित हो तथा ऐसे मामलों में जमानत के प्रावधानों को लेकर भी प्रभावी कानूनी सुधार किए जाएं। उन्होंने कहा कि नशे के बड़े सरगनाओं पर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे युवाओं को नशे के कारोबार में धकेलने वालों में कानून का भय पैदा हो। अजय ठाकुर ने कहा कि यदि आज समाज ने चिट्टे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई नहीं लड़ी तो आने वाली पीढ़ी को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि तभी मानी जाएगी जब प्रदेश का युवा सुरक्षित, स्वस्थ और नशे से दूर हो। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि पंचायत स्तर पर बनने वाली कमेटियों में बढ़-चढ़कर भाग लें और नशे के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के एकजुट हों। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन, पंचायतें और आम जनता मिलकर काम करें तो हिमाचल प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है।
