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डॉ. महेश्वर राय की अध्यक्षता में हुई प्रेस वार्ता, डॉक्टरों ने निलंबन वापस लेने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की उठाई मांगऊना, रक्कड़।आज डॉ. महेश्वर राय की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस वार्ता में कई डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। इस दौरान डॉक्टरों ने डॉ. प्रियंका के खिलाफ लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि बिना ठोस सबूत के किसी डॉक्टर पर इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने और डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।प्रेस वार्ता के दौरान डॉक्टरों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले चिकित्सकों को अस्पताल के भीतर और बाहर सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी डर के मरीजों का उपचार कर सकें। डॉक्टरों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी चिंता है और सरकार व प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

डॉक्टरों ने मांग की कि संबंधित डॉक्टर का निलंबन वापस लिया जाए। साथ ही, अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और एक वरिष्ठ डॉक्टर के साथ कथित तौर पर मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई शुरू कर उसे जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार और प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि संबंधित डॉक्टर की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है, जबकि डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल भी अपनी शिकायत दर्ज करवाएगा। डॉक्टरों के अनुसार, परिवार और व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर खतरे की आशंका के कारण संबंधित डॉक्टर भयभीत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का उचित समाधान होने तक उनके काम पर लौटने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।डॉक्टरों ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में संसाधनों और कर्मचारियों की कमी भी डॉक्टरों तथा मरीजों के बीच तनाव का कारण बनती है। सरकार को अपनी नीतियों में आवश्यक सुधार करते हुए अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और जरूरी संसाधन उपलब्ध करवाने चाहिए।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 250 ओपीडी मरीज आते हैं, तो वहां मरीजों की संख्या के अनुरूप डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की तैनाती तथा सुविधाएं होना जरूरी है। मौजूदा कार्यबल और आधारभूत ढांचे के बीच मौजूद अंतर को दूर करना समय की आवश्यकता है।डॉक्टरों ने दोहराया कि उनका मुख्य उद्देश्य मरीजों के दर्द को कम करना, उनकी जान बचाना और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इसके लिए जरूरी है कि स्वास्थ्यकर्मियों को भयमुक्त वातावरण मिले और उनके साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या दुर्व्यवहार की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो।प्रेस वार्ता के माध्यम से डॉक्टरों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए, संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
