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मोदी सरकार में खेलों को बेहतर मंच मिलने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हिमाचल के खिलाड़ी,डिंपल ठाकुर
डिंपल ठाकुर बोले, मोदी सरकार ने खिलाड़ियों को दिया बेहतर मंच,खेलों के विकास से युवाओं को नशे से दूर रखने में मिलेगी मदद, प्रदेश सरकार भी प्रतिभाओं को दे निर्णायक मंच,
बंगाणा,हिमाचल प्रदेश भाजपा खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक एवं प्रतिष्ठित युवा व्यवसायी राजेंद्र ठाकुर उर्फ डिंपल ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। केंद्र सरकार की खेल नीति और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं के कारण देश के युवा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां भले ही चुनौतीपूर्ण हों, लेकिन यहां के युवाओं में प्रतिभा और मेहनत की कोई कमी नहीं है। क्रिकेट से लेकर कबड्डी, एथलेटिक्स, हॉकी और अन्य खेलों में हिमाचल के महिला और पुरुष खिलाड़ी लगातार अपनी पहचान बना रहे हैं।

क्रिकेट से कबड्डी तक हिमाचली खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन,डिंपल ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने खेलों की दुनिया में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं। क्रिकेट के क्षेत्र में प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई है, वहीं कबड्डी में भी हिमाचल की महिला और पुरुष प्रतिभाएं लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले खिलाड़ियों में भी आगे बढ़ने का जबरदस्त जुनून है। राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि इन खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप उचित प्रशिक्षण, खेल मैदान, आधुनिक सुविधाएं, प्रशिक्षक और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों में नहीं होती, बल्कि गांवों में भी बड़ी संख्या में ऐसे युवा मौजूद हैं, जिन्हें यदि सही मार्गदर्शन और मंच मिले तो वे प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को दे प्रोत्साहन और निर्णायक मंच,
राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों के साथ प्रदेश सरकार की भी जिम्मेदारी बनती है कि हिमाचल के सभी वर्गों के खिलाड़ियों को समान अवसर प्रदान किए जाएं। खिलाड़ियों को केवल प्रोत्साहन राशि देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर खेल मैदान, कोचिंग, खेल सामग्री, चिकित्सा सुविधा और राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर भी उपलब्ध करवाने चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए। पंचायत और ब्लॉक स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करके प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे लाया जा सकता है। इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता तथा उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जाना चाहिए।
पढ़ाई के साथ खेलों में रुचि बढ़े, तब नशे से दूर रहेंगे प्रदेश के युवा,
राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण का भी महत्वपूर्ण साधन है। आज के समय में युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से बचाने के लिए खेलों को अभियान के रूप में बढ़ावा देने की जरूरत है। यदि युवा पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों में व्यस्त रहेगा तो उसका ध्यान सकारात्मक दिशा में रहेगा और वह नशे जैसी बुराइयों से दूर रह सकता है।
उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज स्तर पर खेल गतिविधियों को और मजबूत किया जाना चाहिए। युवाओं को क्रिकेट, कबड्डी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, एथलेटिक्स सहित उनकी रुचि के अनुसार खेल चुनने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल मैदानों और प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार प्रदेश के हर क्षेत्र में होना चाहिए। राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के युवाओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन करने की पूरी क्षमता है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही समय पर सही मंच देने की है। केंद्र सरकार के प्रयासों से देश में खेलों का माहौल मजबूत हुआ है और अब प्रदेश सरकार को भी इस दिशा में और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सरकार, खेल संस्थाएं और समाज मिलकर कार्य करें तो हिमाचल की खेल प्रतिभाएं आने वाले समय में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश का गौरव बढ़ाएंगी।
