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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्टूबर पर विशेष…..
यह दिवस पहली बार 10 अक्टूबर 1992 को ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ’ की पहल पर मनाया गया था।
वर्ष 2026 का विषय/ थीम है— “जीने के अनुभवों को सुना गया: सच्ची आवाज़ें, वास्तविक बदलाव”।
दुनिया भर में सबसे आम 5 मानसिक विकार चिंता विकार, अवसाद, मनोदशा विकार, अभिघातजन्य तनाव विकार और खाने संबंधी विकार हैं।भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) और स्वास्थ्य रिपोर्टों के अनुसार, भारत की 15% वयस्क आबादी किसी न किसी प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त है, जिसके लिए डॉक्टरी हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है।मुख्य उद्देश्य:मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता: जीवन और समाज में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में लोगों को शिक्षित करना।
कलंक (Stigma) को दूर करना: मानसिक बीमारियों और विकारों से जुड़े सामाजिक डर, झिझक और कलंक को खत्म करना ताकि लोग खुलकर बात कर सकें।

प्रयासों को संगठित करना: मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों, सरकारों और नीति निर्माताओं को एक साथ लाना ताकि बेहतर देखभाल और उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।सहयोग और समर्थन बढ़ाना: मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों और उनके परिवारों का समर्थन करना तथा उन्हें सही समय पर मदद पाने के लिए प्रेरित करना।
सुलभ देखभाल: दुनिया भर में हर व्यक्ति के लिए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और देखभाल को वास्तविकता तथा पहुँच के भीतर बनाना।
मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के प्रमुख उपायपर्याप्त नींद लें: प्रतिदिन 7 से 9 घंटे की गहरी और अच्छी नींद लेना मानसिक स्वास्थ्य के लिए सबसे जरूरी है। नींद की कमी से चिड़चिड़ापन, तनाव और उदासी बढ़ती है।नियमित व्यायाम करें: हर दिन कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि (जैसे तेज चलना, योग, दौड़ना या साइकिल चलाना) करें। इससे शरीर में ‘एंडोर्फिन’ (खुशी देने वाले हार्मोन) का स्तर बढ़ता है, जो तनाव और चिंता को कम करता है।
संतुलित आहार लें: अपने खान-पान में ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी शामिल करें। अच्छा पोषण आपके मस्तिष्क के कार्य और मूड को बेहतर बनाता है।

ध्यान और माइंडफुलनेस (Meditation): रोजाना 10 से 20 मिनट ध्यान, प्राणायाम या गहरी सांस लेने वाले व्यायाम करें। इससे ओवरथिंकिंग (अतिरिक्त सोचना) कम होती है और मन शांत रहता है।डिजिटल ब्रेक लें: सोशल मीडिया और स्क्रीन (मोबाइल, टीवी, लैपटॉप) का उपयोग सीमित करें। सोने से कम से कम 1 घंटे पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं।पेशेवर मदद लें: यदि तनाव, एंग्जायटी या उदासी लंबे समय तक बनी रहे और संभालना मुश्किल हो जाए, तो किसी मनोचिकित्सक या काउंसलर से परामर्श लेने में संकोच न करें।
@शशि पाल प्रवक्ता इतिहास गांव हरसौर तहसील बड़सर जिला हमीरपुर हिमाचल प्रदेश
