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जूनागढ़ में एक नन्हे शेर का पिछला पैर लोहे के गेट में फंस गया, जिसे वन विभाग और सक्करबाग प्राणी संग्रहालय की टीम ने सफलतापूर्वक बचाया।

गुजरात के जूनागढ़ शहर में शनिवार 1 अगस्त की सुबह एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई, जहां वन विभाग की तत्परता ने एक नन्हे शेर की जान बचा ली। शहर के ग्रोफेड इलाके में करीब 1 से 2 साल की उम्र का एक शावक लोहे के ऊंचे गेट को पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका पिछला पैर नुकीली ग्रिल में बुरी तरह फंस गया।हादसे की सूचना मिलते ही गुजरात के वन एवं पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढવાडिया के नेतृत्व में वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया। जूनागढ़ वन विभाग और सक्करबाग प्राणी संग्रहालय की रेस्क्यू टीमें तुरंत आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं। विशेषज्ञों ने पूरी सावधानी बरतते हुए शावक को बिना किसी अतिरिक्त नुकसान के सुरक्षित रूप से गेट से मुक्त कराया।

रेस्केक्यू बाद घायल शावक को तत्काल इलाज के लिए जूनागढ़ के प्रसिद्ध सक्करबाग प्राणी संग्रहालय ले जाया गया। वहां अनुभवी पशु चिकित्सकों की देखरेख में उसका उपचार शुरू किया गया है। वन विभाग के अनुसार, वर्तमान में नन्हे शेर की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और उसे अगले 24 घंटों के लिए विशेषज्ञों की निरंतर निगरानी में रखा गया है।केबिनेट मंत्री अर्जुन मोढवाडिया, जो पोरबंदर से विधायक भी हैं, उनके मार्गदर्शन में राज्य का वन विभाग वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लगातार कार्यरत है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि गिरनार के जंगलों से अक्सर रिहायशी इलाकों में आने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। टीम की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है, क्योंकि सही समय पर मिले इलाज से शावक की जान का खतरा टल गया है।
