Thursday, October 22, 2026
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लुधियाना में भूपेश बघेल के सामने घमासान, राजा वड़िंग व आशू समर्थकों की नारेबाजी से आधे घंटे तक थमा कार्यक्रम

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लुधियाना में कांग्रेस की बैठक के दौरान भूपेश बघेल की मौजूदगी में राजा वड़िंग और भारत भूषण आशु समर्थकों के बीच नारेबाजी हुई। हंगामे के बाद कार्यक्रम शुरू हो सका।

लुधियाना। पंजाब कांग्रेस की बैठक उस समय विवादों में घिर गई, जब प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल की मौजूदगी में ही कांग्रेस के दो गुट आमने-सामने आ गए। लुधियाना के गुरु नानक भवन में आयोजित कार्यक्रम शुरू होने से पहले प्रदेश कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और वरिष्ठ नेता भारत भूषण आशु के समर्थकों के बीच जमकर नारेबाजी हुई करीब आधे घंटे तक चले इस हंगामे के कारण कार्यक्रम निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सका और पूरे सभागार का माहौल तनावपूर्ण बना रहा। बैठक में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता पहुंचे थे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही दोनों गुटों के समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए।देखते ही देखते नारेबाजी तेज हो गई और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। माहौल इतना गरमा गया कि मंच पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं को भी स्थिति संभालने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।

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प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल पूरे घटनाक्रम के दौरान मंच पर मौजूद रहे। वह कुछ देर तक बिना हस्तक्षेप किए पूरे घटनाक्रम को देखते रहे। वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग लगातार कार्यकर्ताओं को शांत रहने की अपील करते रहे, लेकिन दोनों पक्षों के समर्थकों ने उनकी अपील पर तुरंत ध्यान नहीं दिया। लगभग आधे घंटे तक नारेबाजी का दौर जारी रहा हंगामे के दौरान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मंच से बिना किसी का नाम लिए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं है जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को “दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकालकर बाहर फेंक दिया जाएगा।” उनके इस बयान के बाद सभागार में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच फिर से नारेबाजी तेज हो गई।स्थिति को बिगड़ता देख पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और आयोजकों ने हस्तक्षेप किया। काफी समझाने के बाद भारत भूषण आशु के समर्थक सभागार से बाहर चले गए। इसके बाद माहौल धीरे-धीरे सामान्य हुआ और कांग्रेस का कार्यक्रम शुरू कराया गया। बैठक के दौरान हुआ यह घटनाक्रम एक बार फिर पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी को सामने ले आया। 

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