दैनिक जागो वर्ल्ड कानपुर

कानपुर में 10 और 11 सितंबर को बार और लायर्स एसोसिएशन का प्रांतीय सम्मेलन होगा, जिसमें सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेशों पर मंथन होगा। अधिवक्ताओं के हित, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, साथ ही हड़ताल पर रोक और एडवोकेट एक्ट संशोधनों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।बार और लायर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में 10 और 11 सितंबर को बार एसोसिएशन लान में प्रांतीय सम्मेलन होगा। इसमें सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेशों पर मंथन किया जाएगा। अधिवक्ताओं के हित, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रस्ताव पास होंगे। इन प्रस्तावों पर न्यायपालिका और सरकार को भेजते हुए अमल कराने का प्रयास होगा।बार एसोसिएशन कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में बार एसोसिएशन अध्यक्ष योगेन्द्र अवस्थी लल्लन, महामंत्री बिनय कुमार मिश्रा, लायर्स एसोसिएसन अध्यक्ष दिनेश चंद्र वर्मा और महामंत्री राजीव यादव ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने बार कौंसिल आफ इंडिया और सभी बार कौंसिल को निर्देश जारी किया है कि कोई भी अधिवक्ता हड़ताल नहीं करेगा।बार कौंसिल स्थानीय बार संघों से इस बात की अंडरटेकिंग ले कि वह किसी बिंदु पर हड़ताल नहीं करेंगे। यह अधिवक्ता हितों पर कुठाराघात है। इसी तरह हाई कोर्ट ने मो. कफील बनाम राज्य सरकार की याचिका पर कहा है कि जिन अधिवक्ताओं के ऊपर सात साल की सजा के मुकदमे दर्ज हैं, उनका ट्रायल अन्य जिलों में किया जाएगा। ऐसे निर्णय से अधिवक्ताओं पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इसी तरह एडवोकेट एक्ट 1961 में बार कौंसिल आफ इंइंडिया द्वारा वर्तमान में किए गए ज्यादातर संशोधन अधिवक्ता हितों के विपरीत है। इन पर पुनर्विचार की जरूरत है। दोनों एसोसिएशन ने आपत्तियां व सुझाव भेजे हैं।
