दैनिक जागो वर्ल्ड!बिहार

बिहार में सुपरटेट के आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित होने के कारण प्रोविजनल डिग्री के लिए बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की परेशानी शनिवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय पहुंचने पर सामने आई। पटना से करीब एक दर्जन अभ्यर्थी कई दिनों से कालेज और विश्वविद्यालय का चक्कर काटने के बाद यहां पहुंचे थे।इनमें प्रियंका भारती ने वर्ष 2025 में बीएड किया है, जबकि मुकेश कुमार, राहुल कुमार, नीतीश कुमार, मुन्ना जी उपाध्याय, अंशु यादव और सुनील कुमार सिंह सहित अन्य ने 2026 में बीएड उत्तीर्ण किया है। अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्हें अब तक न तो मूल उपाधि मिली है और न ही प्रोविजनल डिग्री। वर्ष 2025 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को अब तक मूल डिग्री नहीं मिली, जबकि वर्ष 2026 के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की डिग्री भी महाविद्यालयों तक नहीं पहुंची है।प्रोविजनल डिग्री के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर अभिलेखों के सत्यापन और अप्रूवल की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। इसके बाद ही अभ्यर्थी ऑनलाइन प्रोविजनल डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।शनिवार को कार्यालय बंद होने के कारण अभ्यर्थियों की परेशानी और बढ़ गई। वे कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह से मिलकर अपनी समस्या बताना चाहते थे।मामला कुलपति और कुलसचिव डा. विनोद कुमार सिंह के संज्ञान में आने के बाद तत्काल समाधान की पहल की गई। कुलसचिव ने रिकॉर्ड रूम खुलवाकर संबंधित अभिलेखों का सत्यापन कराने और सत्र 2023-25 2024-26 के अभ्यर्थियों को तत्काल प्रोविजनल डिग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि वे समय से सुपरटेट के लिए आवेदन कर सकें।वहीं, छात्र-छात्राओं की समस्याओं को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यालय संचालन को सप्ताह में छह दिन करने का निर्णय लिया है। कुलपति के आदेश पर कुलसचिव ने निर्देश दिया कि अब कार्यालय पूर्व की तरह छह दिन संचालित होगा, जिससे डिग्री, प्रमाणपत्र, सत्यापन और अन्य जरूरी छात्र कार्यों का समयबद्ध निस्तारण किया जा सके। मामले का तत्काल समाधान होने पर पटना से आए अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली।
