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गोरखपुर के कैंपियरगंज में सरयू नहर परियोजना के तहत बैकुंठपुर रजवाहा में पांच साल बाद पानी पहुंचा है। सफल ट्रायल के बाद सिंचाई व्यवस्था को नियमित करने की तैयारी है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।कैंपियरगंज क्षेत्र के किसानों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत की खबर है। सरयू नहर परियोजना के लोकार्पण के करीब पांच वर्ष बाद बैकुंठपुर रजवाहा में पानी पहुंचा है।जुलाई के प्रथम सप्ताह में बाणगंगा बैराज से पानी छोड़कर कैंपियरगंज शाखा में पानी पहुंचाने का ट्रायल किया गया, जो सफल रहा। इसके बाद 28 जुलाई को बसंतपुर प्रेशर सिंचाई प्रणाली का भी परीक्षण किया गया। दोनों ट्रायल सफल होने के बाद अब सिंचाई व्यवस्था को नियमित रूप से संचालित करने की दिशा में विभागीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।सोमवार को राप्ती नहर निर्माण खंड प्रथम, तुलसीपुर-बलरामपुर के जूनियर इंजीनियर और सहायक अभियंता ने क्षेत्र में पहुंचकर सिंचाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।अधिकारियों ने बसंतपुर, गोपालपुर, पचमा, बरईपुर, खजुरागावा, मुसाबर, मिरिहिरिया, महादेवा, भगवानपुर, शिवपुर और करमहवा में लगे वाल्वों समेत सिंचाई से जुड़े अन्य उपकरणों की जांच की। उपकरणों की स्थिति का जायजा लेने के साथ आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया, ताकि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने में किसी तरह की परेशानी न हो।

बैकुंठपुर रजवाहा कैंपियरगंज शाखा को बाणगंगा नदी से जोड़ा गया है। रजवाहे में पानी पहुंचने के बाद बसंतपुर प्रेशर सिंचाई प्रणाली के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इससे किसानों की सिंचाई के लिए निजी पंपसेट और अन्य संसाधनों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।नहर से पर्याप्त पानी मिलने पर किसानों को डीजल-पेट्रोल, पंपसेट संचालन और सिंचाई में लगने वाले श्रम की लागत से राहत मिल सकती है। समय से सिंचाई होने पर फसलों को भी लाभ मिलेगा। इससे खेती की लागत कम होने और उत्पादन बढ़ने की संभावना है।किसानों ने अधिक खेतों तक पानी पहुंचाने की उठाई मांगमुसाबर निवासी बेचू पांडेय ने बताया कि विभाग की ओर से दस गांवों को सिंचाई सुविधा देने की बात कही जा रही है, लेकिन वर्तमान में प्रत्येक गांव में 25 प्रतिशत से भी कम खेतों तक सिंचाई की सुविधा पहुंच पा रही है।उन्होंने वाल्वों की संख्या बढ़ाकर अधिक से अधिक किसानों के खेतों तक नहर का पानी पहुंचाने की मांग की। रिगौली निवासी वीरेंद्र साहनी ने कहा कि प्रेशर सिंचाई प्रणाली क्षेत्र के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।खेतों के नजदीक वाल्व के माध्यम से पानी मिलने से सिंचाई आसान होगी और समय की बचत होगी। बरईपुर निवासी विजय गुप्ता ने कहा कि नहर में पानी पहुंचना किसानों के लिए बड़ी सुविधा है। अब तक सिंचाई के लिए निजी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती थी। नियमित रूप से नहर का पानी मिलने से किसानों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
