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गोवर्धन पूजा के प्रसंग पर भावविभोर हुए श्रद्धालुठाकुरद्वारा मंदिर में भागवत कथा के पांचवें दिन भक्तिमय हुआ माहौल, छप्पन भोग लगाया
दौलतपुर चौक, 7 अक्तूबर। ( संजीव डोगरा )कैलाश नगर नकड़ोह स्थित 814 वर्ष पुराने ऐतिहासिक ठाकुरद्वारा राधा-कृष्ण मंदिर में डीडीएम कालेज के चेयरमैन एवं महंत नरेंद्र शर्मा के सानिध्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। कथावाचक अतुल कृष्ण जी महाराज ने संगीतमय कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया।

कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद कंस ने उन्हें मारने के लिए राक्षसी पूतना को भेजा। पूतना वेश बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को विषैला दूध पिलाने का प्रयास करती है, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण उसका वध कर देते हैं।उन्होंने गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजा की तैयारी कर रहे थे। भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें इंद्र की पूजा के स्थान पर गोवर्धन महाराज की पूजा करने के लिए प्रेरित किया। इससे क्रोधित होकर इंद्र ने ब्रज में मूसलाधार वर्षा कर दी। ब्रजवासियों को भारी वर्षा से बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा अंगुली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर लिया और सभी ब्रजवासियों को उसके नीचे आश्रय दिया। सात दिन बाद इंद्र का अहंकार टूट गया और उन्होंने वर्षा रोक दी।गोवर्धन पूजा के प्रसंग के दौरान पंडाल में मौजूद सैकड़ों श्रद्धालु भावविभोर होकर भजनों पर झूमने और नृत्य करने लगे। पंजाब से पहुंचे प्रसिद्ध गायक गुरदास मान के शिष्य प्रताप राणा ने अपने भजनों से ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु नृत्य करने पर मजबूर हो गए। इस अवसर पर भगवान को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया।

इस मौके पर महंत नरेंद्र शर्मा, चैंचला देवी, राजेंद्र शर्मा, आशीष शर्मा, मीरा शर्मा, अनुराधा शर्मा, लोहारा से महंत प्रकाश चंद, बाबा गरीब दास, चंडीगढ़ से साध्वी श्रद्धानंद जी, अधिवक्ता दीपक, जत्थेदार बाबा गुरदेव सिंह व उनके सहयोगी, संजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
